Eye Flu: Eye फ्लू एक वायरस है इस से कैसे बचे जानिए ?

Eye Flu:

आंख फ्लू: कारण, लक्षण और उपचार

प्रस्तावना: जब हम अचानक खांसी, जुकाम, और बुखार के लक्षणों के साथ बीमार पड़ते हैं, तो हम आम तौर पर एक सामान्य कफ और जुकाम को जिम्मेदार ठहरा देते हैं। लेकिन कभी-कभी यही सर्दी-जुकाम आपकी आंखों को भी प्रभावित करता है। आंखों की खारिश जिसे ‘आंख फ्लू’ भी कहा जाता है, एक सामान्य समस्या है जो आंखों के परिसर के संक्रमण के कारण होती है। यह लेख आपको आंख फ्लू के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा, जिसमें इसके कारण, लक्षण और उपचार के बारे में भी बताया जाएगा।

परिचय: आंख फ्लू, जिसे ‘कॉन्जंक्टिवाइटिस’ भी कहा जाता है, आंखों के ऊतकों में संक्रमण होने से होती है। यह एक सामान्य रोग है जो बच्चों और वयस्कों दोनों में पाया जा सकता है। आंख फ्लू का कारण आम तौर पर वायरस, बैक्टीरिया या एलर्जी होते हैं, और इसे एक से दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से भी फैल सकता है। इसके लक्षणों में आंखों की लालिमा, खुजली, जलन, पानी आना, पुरुलेंट डिस्चार्ज, खासतौर पर सुबह जागते ही आंखें अन्दर की और जाने के लिए आंखें जोड़ने के साथ देखी जाती हैं।

कारण:

  1. वायरल इन्फेक्शन: कई बार आंख फ्लू का कारण वायरस संक्रमण होता है, जो खांसी-जुकाम से फैल सकता है।
  2. बैक्टीरियल इन्फेक्शन: कुछ मामूली बैक्टीरिया भी आंखों के संक्रमण का कारण बन सकते हैं।
  3. एलर्जी: किसी विशेष पदार्थ से या मौसम के परिवर्तन से आंखों की एलर्जी हो सकती है, जिससे आंख फ्लू का विकास होता है।
  4. संक्रमण: कई बार आंख के अन्दर के भागों के संक्रमण भी आंख फ्लू के लक्षणों को प्रकट कर सकता है।
  5. आंखों को छूने से: आंखों को साफ करते समय अचानक हाथ से आंखों को छूने से भी संक्रमण हो सकता है।

लक्षण:

  • आंखों की लालिमा और सूजन
  • खुजली और जलन
  • आंखों से पानी आना
  • आंखों से पुरुलेंट डिस्चार्ज होना (पीला-हरा रंग का तरल पदार्थ जो आंख से निकलता है)
  • उजले या गहरे रंग का पुरुलेंट डिस्चार्ज

उपचार और सावधानियां:

  1. आंख फ्लू के उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। स्वयं नुस्खे आजमाने से पहले एक विशेषज्ञ की राय जानना अच्छा होता है।
  2. आंखों को साफ़ पानी से धोना और ताजगी से आंखें धकना आराम पहुंचाता है।
  3. आंखों को साफ़ पानी या फिर फिटकरी के पानी से धोने से आंखों की लालिमा कम होती है।
  4. आंखों की खुजली के लिए उन्हें खूबसूरती के लिए हाथ न लगाएं।
  5. दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। आंख फ्लू के मरीज से संपर्क को कम से कम रखें और उनसे विशेष तौर पर उनके सामान को छूने से बचें।
  6. डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाइयों का सख्ती से पालन करें।
  7. अपने हाथों को साबुन से नियमित रूप से धोएं और आंखों को छूने से पहले हाथों को धोना न भूलें।
  8. जरूरत पड़ने पर आंखों को ठंडे पानी से अच्छी तरह से साफ़ करें।
  9. चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने से बचें।
  10. आंखों को रुक-रुक कर न ज़पकाएं, बल्कि उन्हें आराम से पंखुड़ी जैसे हलके आकार में बना-बनाकर खोलें।

सावधानी बरतने और समय रहते उपचार कराने से आप आंख फ्लू से बच सकते हैं और जल्द स्वस्थ हो सकते हैं। यदि आपके लक्षण बढ़ते हैं या समय से नहीं ठीक होते हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है। अपने आँखों के देखभाल पर ध्यान देकर आप एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।

Leave a comment